संबुसा, जिसे कुछ क्षेत्रों में समोसा के नाम से भी जाना जाता है, सोमाली व्यंजनों में एक लोकप्रिय पेस्ट्री है, जिसे विशेष रूप से उत्सव के अवसरों और पारिवारिक समारोहों के दौरान खाया जाता है। इस स्वादिष्ट नाश्ते की खासियत इसकी कुरकुरी बाहरी बनावट और स्वादिष्ट भराई है, जिसे पारंपरिक रूप से मसालेदार मांस, सब्जियों या दालों से बनाया जाता है।
संबूसा की उत्पत्ति प्राचीन काल में हुई थी, जिसमें मध्य पूर्वी और भारतीय व्यंजनों सहित विभिन्न संस्कृतियों का प्रभाव था। यह सोमाली समारोहों में एक मुख्य व्यंजन बन गया है, जिसे अक्सर चाय के साथ या भोजन के दौरान ऐपेटाइज़र के रूप में परोसा जाता है। प्रत्येक परिवार की रेसिपी पर अपनी अनूठी राय हो सकती है, जिससे यह एक बहुमुखी व्यंजन बन जाता है जो समुदाय और साझा करने की भावना को दर्शाता है।
संबूसा को अलग बनाने वाली बात है इसकी नाजुक पेस्ट्री, जो पतली होने के साथ-साथ इतनी मजबूत होती है कि तलने पर भी यह स्वादिष्ट फिलिंग को बनाए रखती है और कुरकुरी बनावट बनाए रखती है। मसालों का चुनाव व्यापक रूप से भिन्न हो सकता है, जिससे व्यक्तिगत पसंद के आधार पर रचनात्मकता की अनुमति मिलती है। चाहे गोमांस, चिकन या शाकाहारी विकल्प का उपयोग किया जाए, संबूसा निश्चित रूप से लोगों को पसंद आएगा।